2021 RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit (39 posts). Start preparation today for free

This article features everything you need to know about the RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit subject.

First, we will show the exam pattern.

Then, we will layout the syllabus.

In the end, you will be able to download the syllabus.

Sounds good? Let’s begin!

Chapter 1: Exam Pattern

RPSC conducts written exam and interview for selection of College Lecturer (Assistant professors).

There are three papers in the written exam.

A candidate is eligible to appear in interview only if he qualifies the written exams.

Here’s the exam pattern;

RPSC college Lecturer syllabus Sanskrit
RPSC college Lecturer syllabus Sanskrit

The Exam Pattern needs a long discussion. We have a separate article on this topic under Preparation strategy.

For now, we would prefer to move on to the syllabus.

Chapter 2: RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit Subject

The syllabus for 2021 is not yet published. But we compiled the last year’s syllabuses for Sociology and presenting this guiding syllabus for now.

In our experience, this is sufficient for preparation. Still, we will update this article when a revised syllabus is published.

Let’s continue.

2.1 RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit Subject प्रथम पत्र – बैदिक साहित्य, दर्शन और व्याकरण

१. बैदिक साहित्य

  • देबता – अग्नि ,सबितु , इन्द्र, रुद्र, बृहस्पति, अश्विनी, बरुण , उषस , सोम
  • निम्नलिखित सूक्तों का अध्ययन –
  • ऋग्वेद – अग्नि (१.१), इन्द्र (२.१२), पुरुष (१०. ९०), हिरण्यगर्भ (१०. १२१), नासदीय (१०.१२९), उषस (३.६१), बाक (१०.१२५)
  • शुक्ल यजुर्वेद – शिवसंकल्प (१.६), प्रजापति (१.५)
  • अथर्ववेद – राष्ट्राभिवर्धनम (१.२९), काल (१०.५३), पृथ्वी (१२.१)
  • बैदिक काल के बिषय में बिभिन्न सिद्धांत – मैक्समूलर, ए. बेबर, जैकोबी, बालगंगाधर तिलक, एम. बिन्टरनिट्ज़ भारतीय परम्परागत बिचार
  • ऋग्वेद का क्रम
  • बैदिक संहिताएं तथा उनकी बिषयबस्तु, संहिताओ की पाठ -भेद
  • ब्राह्मण और आरण्यक – सामान्य लक्षण, बिशेषताऐ प्रतिपाद्य बिषय, अग्निहोत्र, अग्निष्टोम यज्ञ, दर्शपौर्णमास एबं पंचमहायज्ञ
  • उपनिषदों की बिषयबस्तु तथा प्रमुख अबधारणाओ का अध्ययन बिशेषत: निम्नलिखित उपनिषदों के संदर्भा में – ईश, कठ, तैत्तिरीय
  • बेदांगों के सामान्य परिचय एबं निरुक्त – शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष, निरुक्त (अध्याय १ और २)
  • निरुक्त में चार पद – नाम, आख्यात, उपसर्ग, निपात, षरभाबबिकार
  • निरुक्त अध्ययन के उददेश्य, निम्नलिखित शब्दो की बुतपत्तिया
  • आचार्य, बीर, गो, समुद्र, अश्व, ह्रद, बृत्त, आदित्य, उषस, मेघ, बाक, उदक, नदी जानबेदस, निघंटु, वैश्वानर

२. दर्शन

  • ईश्वरकृष्ण की सांख्यकारिका – सतकार्यबाद, पुरुष – स्वरुप, प्रकृति – स्वरुप, सृष्टि बिचार, प्रत्ययस्वर्गे, कैवल्य
  • सदानन्द का बेदान्तसार – अनुबन्धचतुष्टय, अज्ञान, अध्यारोप -अपबाद, लिंगसरीरोत्पत्ति, पंचीकरण, बिबर्त, जीबोन्मुक्ति
  • केशबमिश्र की तर्कभाषा – पदार्थ, कारण, प्रमाण – प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द
  • लौगाक्षिभास्कर का अर्थसंग्रह – धर्मलक्षण, शब्दी भाबना, आर्थीभाबना, बिधि एबं उसके प्रकार
  • सर्बदर्शनसंग्रह – जैनमत, बौद्धमत का सामान्य अध्ययन

३. व्याकरण तथा भाषा-विज्ञान

  • महाभाष्य (पस्पशाह्निक) – शब्द की परिभाषा, शब्द एबं अर्थ का सम्बन्ध, ब्याकरण के अध्ययन का उद्देश्य, ब्याकरण की परिभाषा, साधु शब्द के प्रयोग का परिणाम, ब्याकरण की पद्धति
  • लघुसिद्धांत कौमुदी –
  • समास, भू एबं एध धातु मात्र
  • कृदन्त
  • तद्धित – अपत्यार्थक, मत्वर्थीय
  • स्त्री – प्रत्यय
  • परिभाषाएं संहिता – गुण, बृद्धि, प्रातिपदिक, नदी, घी, उपधा, अपृक्त, गति, पद, बिभाषा, सबर्ण, टि प्रगृहय, सर्बनाम-स्थान, निष्ठा
  • सिद्धांत कौमुदी – कारक प्रकरण
  • भाषाविज्ञान – भाषा की परिभाषा एबं प्रकार, भाषा तथा बाक में अंतर, भाषा तथा बोली में अंतर, भाषा का बर्गीकरण (परिबारमूलक एबं आकृतिमूलक)
  • संस्कृत ध्वनियों का संदर्भ में मानबीय ध्वनि यन्त्र, भाषा की प्रक्रिया एबं ध्वनियों का बर्गीकरण – स्पर्श, संघर्षी, अर्धस्वर एबं स्वर
  • ध्वनी संबंधी नियम – ग्रिम, ग्रासमान, बर्नर
  • ध्वनी परिबर्तन की दिशाएं तथा कारण
  • बाक्य का लक्षण तथा भेद
  • भारोपीय भाषा परिबार का सामान्य एबं संखिप्त – परिचय
  • बैदिक, लौकिक संस्कृत एबं प्राकृत भाषा में प्रमुख अंतर

2.2 RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit Subject द्बितीय पत्र – काब्यशास्त्र, संस्कृत साहित्य पुराण, पद्य, गद्य, नाटक एबं राजस्थानीय संस्कृत साहित्य

१: काब्यशास्त्र

  • नाट्यशास्त्र (प्रथम, द्वितीय तथा षष्ठ अध्याय)
  • दशरूपक (प्रथम तथा तृतीय प्रकाश)
  • काब्यप्रकाश, काब्यलक्षण, काब्यप्रयोजन, काब्यहेतु, काब्यभेद, शब्दशक्ति, अभिहितान्वयबाद, अन्बिताभिधानबाद, रसस्वरुप एबं रससूत्रबिमर्श, रसदोष, काब्यगुण अलंकार – अनुप्रास, श्लेष, बक्रोक्ति, उपमा, रूपक, समासोक्ति, अपह्नुति, निदर्शना, अर्थान्तरन्यास, दृष्टान्त, बिभाबना, बिशेषोक्ति, संकर, संसृष्टि
  • साहित्यदर्पण – काब्य की परिभाषा, काब्य की अन्य परिभाषाओं का खंडन, शब्दशक्ति – संकेतग्रह, अभिधा, लक्षणा, ब्यंजना, रस (रस-भेद स्थायीभाबो सहित, रूपक के प्रकार, नाटक के लक्षण, महाकाब्य के लक्षण
  • ध्वन्यालोक (प्रथम उध्योत)

२. संस्कृत साहित्य, पुराण एबं अभिलेख

  • रामायण – रामायण का क्रम, रामायण में आख्यान, रामायणकालीन समाज, परबर्ती ग्रन्थों के लिए रामायण एक प्रेरणा – स्तौत, रामायण का साहित्यिक महत्व
  • महाभारत – महाभारत का क्रम, महाभारत में आख्यान, महाभारतकालीन समाज, परबर्ती ग्रन्थों के लिए महाभारत एक प्रेरणा – स्तौत, महाभारत का साहित्यिक महत्व
  • पुराण – पुराण की परिभाषा, महापुराण एबं उपपुराण, पौराणिक सृष्टिबिज्ञान, पौराणिक आख्यान
  • कौटिल्यकृत अर्थशास्त्र (प्रथम दश अधिकार)
  • स्मृतिशास्त्र – मनुस्मृति (प्रथम, द्वितीय तथा सप्तम अध्याय), याज्ञबल्कसमृति (ब्यबहाराध्याय मात्र)
  • पुरालिपि एबं अभिलेख
  • पुरालिपि – ब्राहमीलिपि को पड़ने का इतिहास, भारत में लेखन कला की प्राचीनता, ब्राहमीलिपि की उत्पत्ति के सिद्धांत, शिलालेख सम्बन्धी सामग्री के प्रकार, गुप्त एबं अशोककालीन ब्राहमीलिपि
  • अशोक के प्रमुख अभिलेख

३. पद्य, गद्य, नाटक तथा राजस्थानीय संस्कृत साहित्य

  • निम्नलिखित ग्रन्थों का सामान्य अध्ययन-
  • पद्य – रघुबंश, मेघदूत, किरातार्जुनीय, शिशुपालबध, नैषधीय चरित, बुद्ध चरित
  • गद्य – दशकुमारचरित, हर्षचरित, कादम्बरी
  • नाटक – स्वप्नबासबदत्त, अभिज्ञानशाकुन्तल, मृच्छकटिक,उत्तररामचरित, मुद्राराक्षस, बेनिसंहार
  • निम्नलिखित ग्रन्थों की बिशिष्ट अध्ययन –
  • अभिज्ञान शाकुन्तल (चतुर्थ अंक)
  • रघुबंश (प्रथम तथा त्रयोदश सर्ग)
  • किरातार्जुनीय (प्रथम सर्ग)
  • शिशुपलबध (प्रथम सर्ग)
  • कुमारसम्भब (पंचम सर्ग)
  • कादम्बरी (कथामुख भाग से जाबालिआश्रम पर्यन्त)

४.राजस्थानीय संस्कृत

राजस्थान के बिद्यान एबं कबि तथा उनका शास्त्रीय, साहित्यिक अबदान,पं. मधुसूदन ओझा, भट्ट मथुरानाथ शास्त्री, पं. गिरिधर शर्मा चतुर्बेदी, पं. नबल किशोर कांकर, पं. दुर्गाप्रसाद द्विबेदी, पं. हरिशास्त्री दाधीच, पं. बिद्याधर शास्त्री, पं. हरिद्विज, पं. जगदीशचंद्र आचार्य, पं. नित्यानंद शास्त्री, पं. श्रीराम दाबे, पं. बिश्वेस्वरनाथ रेऊ, पं. गणेश राम शर्मा, पं. गिरिधर ब्यास शास्त्री, पं. गिरिधर शर्मा नबरत्न, पं. रामप्रताप शास्त्री, ब्रह्मनन्द शर्मा I

2.3 RPSC College Lecturer Syllabus Sanskrit Subject PDF download

This is the outline of Sanskrit syllabus. Click here to download in pdf.

The job profile of professors offers the highest social recognition. Prepare wisely. You must check our previous papers section for suggestions.

RPSC published notification for 39 vacancies for college lecturer in 2020. The last date of application is over.

But very soon they will announce the exam dates. We will notify you when the notification is published in RPSC portal.

Stay tuned!

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